वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को विधानभवन स्थित सभाकक्ष संख्या-8 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बैंकों और कृषि बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। समीक्षा के दौरान मंत्री ने बीमा कंपनियों और बैंकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि 14 सितम्बर 2025 तक सभी लंबित आंकड़े पोर्टल पर अद्यतन कर दिए जाएं और किसानों से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसान हित योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केसीसी ऋण और बीमा संबंधी लंबित प्रकरणों का समाधान तेजी से किया जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री रवीन्द्र, सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव श्री ओ.पी. वर्मा, निदेशक कृषि श्री पंकज कुमार त्रिपाठी, निदेशक उद्यान श्री भानु प्रकाश राम और निदेशक सांख्यिकी श्रीमती सुमिता सिंह मौजूद रहे।
समीक्षा के उपरांत कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में खाद निर्माता कंपनियों, उर्वरक प्रदायकर्ताओं, होलसेलर और रिटेलरों के साथ बैठक की। इसमें उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उर्वरक समय पर और पर्याप्त मात्रा में मिल सके। मंत्री ने जोर दिया कि योगी सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए समर्पित है और किसान हित में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। इस बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, होलसेलर और रिटेलर भी उपस्थित रहे।