वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों ने छात्रों और नौजवानों का भविष्य चौपट कर दिया है। शिक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ पहले कभी नहीं हुआ, जैसा मौजूदा सरकार में हो रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में टीआईआर (थ्रो इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट) लाने का आदेश महज दिखावा है। यदि जांच की बात है तो पहले उन वाइस चांसलरों की भी पड़ताल होनी चाहिए जो पर्ची के लेनदेन से पदों पर बैठे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनियमितताओं, परीक्षा घोटालों, आरक्षण घपलों और छात्रवृत्ति योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की। साथ ही फर्जी डिग्री विवाद और निजी विश्वविद्यालयों में सत्ता से जुड़े लोगों के काले धन की भी जांच कराने की बात कही। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अच्छा होता यदि मुख्यमंत्री जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता का उदाहरण स्वयं अपने कार्यक्षेत्र से पेश करते। तभी जनता को भरोसा होता कि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा है, न नौकरी और न ही रोजगार। अगर सरकार शिक्षा को लेकर सचमुच चिंतित होती तो 27 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद न करती। यह सरकार गरीबों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखना चाहती है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि नौजवान अब भाजपा की असलियत समझ चुका है। 2027 के विधानसभा चुनाव में युवा शक्ति भाजपा सरकार से हुए अन्याय, अत्याचार और अपमान का हिसाब लेगी और सत्ता से बाहर कर देगी।