वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गुरुग्राम। शिक्षक दिवस के अवसर पर चेतना संस्था ने गुरुग्राम के सरकारी विद्यालयों के 30 शिक्षकों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह संस्था द्वारा संचालित वैकल्पिक शिक्षा केंद्रों – चक्करपुर गांव, नाथुपुर, घाटा, वजीराबाद, गोगा, जलवायु, घसौला, जेएमडी और पड़ला में कार्यरत शिक्षकों के अथक प्रयासों और योगदान को सराहने के लिए आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों के समर्पण को मान्यता देना था जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में गीत, कविता और नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों द्वारा बनाए गए कार्ड और शॉल प्रदान कर शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और शिक्षक-शिष्य संबंध की गहरी भावनाएं सभी के सामने झलक उठीं।
चेतना संस्था के निदेशक संजय गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज को दिशा प्रदान करने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का समर्पण ही बच्चों को जिम्मेदार नागरिक और बेहतर इंसान बनने की राह दिखाता है। इस अवसर पर संस्था ने शिक्षकों के करकमलों से 600 सड़क और कामकाजी बच्चों को शिक्षा किट भी वितरित कराई। इसमें बैग, कॉपी, पेंसिल, स्केल और ड्राइंग शीट जैसी सामग्री शामिल थी। किट पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम में गुरुग्राम के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद, चेतना संस्था के कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार, अग्रीमा वर्मा, समरीन, रजनी देवी, ममता, आराधना, सीमा कुमारी, ब्रजकिशोर, गौरव, मिनाक्षी और रीनू समेत लगभग 600 बच्चे और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
चेतना संस्था लंबे समय से शिक्षा और बाल अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्था का विश्वास है कि समाज का वास्तविक उत्थान शिक्षा से ही संभव है और शिक्षक इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्था ने भविष्य में भी इस तरह की पहलों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।