वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा, शिक्षक और छात्र सभी की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। वर्तमान सरकार पहले प्राइमरी शिक्षा संस्थान बंद कर रही है और आगे चलकर इंटर कॉलेज तथा डिग्री कॉलेजों को बंद करने की साजिश भी रच रही है। उनका आरोप है कि भाजपा चाहती है गरीब का बच्चा पढ़ने-लिखने से वंचित रह जाए और आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो।
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी मुख्यालय लखनऊ में समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा आयोजित शिक्षक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। समारोह की शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक-शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा प्रो. बी. पाण्डेय ने अध्यक्षता की जबकि संचालन प्रदेश महासचिव कमलेश यादव ने किया। अखिलेश यादव ने शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन हमें शिक्षा और समाज सेवा के महत्व की याद दिलाता है।
अखिलेश यादव ने संकल्प दोहराया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाने का कार्य प्राथमिकता होगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महापुरुष ज्योतिबा फुले ने समाज को दिशा देने का काम किया और समाजवादी पार्टी भी उसी दिशा में कार्य करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट की हेराफेरी करती है। इसलिए शिक्षक सभा को मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम होगी ताकि 2027 के चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो सके।
उन्होंने कहा कि पीडीए का रास्ता सामाजिक न्याय और समानता का है। पीडीए सरकार बनने पर सभी वंचित और शोषित वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिलेगा और असमानता समाप्त होगी।
समारोह में कई शिक्षकों ने अखिलेश यादव को स्मृतिचिह्न और साहित्य भेंट किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव, डॉ. मानसिंह यादव, आशुतोष सिन्हा, पूर्व एमएलसी असीम यादव, वासुदेव यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में शिक्षकों को समाज निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।