– समारोह में 8507 उपाधियाँ प्रदान कीं गयी, 72 प्रतिशत (6150) छात्राएँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को 73 स्वर्ण एवं रजत पदक दिए गए।
– 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट भी प्रदान की गयी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ का प्रथम दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में कुल 8507 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 6150 छात्राओं को उपाधि मिली। इस उपलब्धि में 72 प्रतिशत हिस्सा छात्राओं का रहा, जबकि 73 पदकधारियों में से 60 छात्राएँ रहीं। राज्यपाल ने इस अवसर पर 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट भी प्रदान कीं।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी हर क्षेत्र में नए बदलाव का संकेत है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पहले विवाह को महत्व दिया जाता था, लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल रही हैं और महिलाएँ हर क्षेत्र में अग्रणी हो रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मन लगाकर अध्ययन करें और जीवन को जनसेवा के लिए समर्पित करें।
राज्यपाल ने बच्चों की चित्रकला और पर्यावरण संबंधी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भविष्य के भारत की संवेदनशील और जागरूक पीढ़ी को तैयार करेंगे। उन्होंने जिलाधिकारी और कुलपति को निर्देशित किया कि विद्यालयों में सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँ। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियमित प्रशिक्षण देने और चिकित्सा सेवा में संवेदनशीलता बनाए रखने पर भी बल दिया।
समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण है। उन्होंने विश्वविद्यालय में सेंट्रल लाइब्रेरी और नया चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की। चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और कुलपति डॉ. संजीव मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ उपस्थित रहीं।