वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। जिला संगठन द्वारा 20 अगस्त को शिक्षा भवन परिसर में दिए गए धरने और उसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार को सौंपे गए ज्ञापन पर अब कार्यवाही शुरू हो गई है। ज्ञापन में जनपदीय समस्याओं के समाधान, लंबित प्रकरणों के निस्तारण और भ्रष्टाचार पर अंकुश की मांग की गई थी। डीआईओएस ने आश्वासन दिया था कि दो सप्ताह के भीतर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
अस्वस्थ होने के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने ज्ञापन की मांगों पर कार्यवाही शुरू की है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं कि कार्यालय एवं विद्यालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की सूचना उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सूचना दिए जाने के बाद ही संबंधित विद्यालय का वेतन पारित किया जाएगा। साथ ही सभी विद्यालयों में सिटिजन चार्टर लागू कर उसके अंश को मुख्य द्वार पर पेंट कराने और प्रकरणों का निस्तारण उसी के अनुसार करने का निर्देश दिया गया है।
डीआईओएस ने विद्यालय स्तर पर लंबित चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, जीपीएफ और पदोन्नति संबंधी प्रकरण एक सप्ताह के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा है। पुरानी पेंशन से आच्छादित शिक्षकों के जीपीएफ खातों के आवंटन और पत्रावली भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला संगठन की मांग पर जीपीएफ लेजर चेकिंग और लेखा पर्ची शिक्षकों को उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयवार तिथियां तय की गई हैं।
एनपीएस शिक्षकों के खातों को अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मासिक कटौती शीघ्र अपडेट हो जाएगी और प्रदेशीय नेतृत्व के प्रयासों से ब्याज की धनराशि शासन से अवमुक्त की जा चुकी है। सेवानिवृत्त शिक्षकों के खातों में यह राशि जमा कर उनके सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस अवसर पर प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मिश्र, प्रदेशीय मंत्री डॉ. आर.के. त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, जिलामंत्री महेश चंद्र, कोषाध्यक्ष आर.पी. सिंह, आय-व्यय निरीक्षक आलोक पाठक और राज्य कार्यकारिणी की सदस्य डॉ. मीता श्रीवास्तव उपस्थित रहे।