वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मनरेगा कार्यों को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए “युक्तधारा पोर्टल” की शुरुआत की जा रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में यह अभिनव पहल मनरेगा योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसके जरिए मजदूरों के भुगतान में हेराफेरी और कार्यों की दोहराव की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से मनरेगा के सभी कार्य इस पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इसमें हर कार्य की योजना, स्थान, लागत और प्रगति का ब्योरा दर्ज रहेगा। खास बात यह है कि यह पोर्टल जीआईएस तकनीक पर आधारित है। यानी गांव में किस जगह, कितने क्षेत्रफल में और कितनी लागत से काम होगा, इसकी पूरी जानकारी मानचित्र पर उपलब्ध रहेगी। इससे ग्रामीणों को सीधे लाभ मिलेगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
युक्तधारा पोर्टल से योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, रोजगार और विकास कार्य समय पर पूरे होंगे और ग्रामीण भरोसे के साथ सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह पोर्टल ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं को संरचित और भागीदारीपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करेगा। ग्राम पंचायत योजनाकार इसमें लॉग इन कर गांव की भौगोलिक और विषयगत विशेषताओं को जीआईएस-आधारित मानचित्रों पर देख सकेगा। इससे भूमि उपयोग, भूजल उपलब्धता, मिट्टी संरक्षण और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाएंगी।
पोर्टल के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर से 18 से 22 अगस्त तक सभी जनपदों को बैचवार ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। अब जनपद स्तर पर ब्लॉक और ग्राम पंचायत के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।