Breaking News

टेक्नोवेदा 2.0 में दिखी वैदिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक की झलक

– स्काईलार्क वर्ल्ड स्कूल में टेक्नोवेदा 2.0 का आयोजन,
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। स्काईलार्क वर्ल्ड स्कूल में वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी ‘टेक्नोवेदा 2.0’ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान और नवाचार आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। इस प्रदर्शनी का नाम ‘टेक्नोवेदा’ कक्षा 12 की छात्रा आरना कुलश्रेष्ठ द्वारा प्रस्तावित किया गया, जो तकनीकी ज्ञान और वैदिक परंपरा के संयोजन को दर्शाता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ। मुख्य अतिथियों में डॉ. आलोक कुमार कृष्ण, डॉ. आर. के. मित्रा, डॉ. धर्मेंद्र सिंह और कर्नल बाजपेयी शामिल रहे। इस अवसर पर विद्यालय के सचिव खेमराज, प्रधानाचार्या सुषमा सोनी और उपप्रधानाचार्या सोनिया प्रभाकर ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रदर्शनी में प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक के छात्रों ने जैव विविधता, सौरमंडल और वनस्पति जीवन जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए। कक्षा 3 से 5 के छात्रों द्वारा रोबोटिक्स, राष्ट्रीय प्रतीक, रात्रिचर जीव और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए। इस वर्ग में कशिका श्रीवास्तव द्वारा निर्मित रोबोट और साँची स्तूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कक्षा 6 से 12 के छात्रों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सौर इन्वर्टर, वर्षाजल संचयन, बायोगैस संयंत्र, पेरिस्कोप और जलीय कृषि जैसे विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए, जिनमें नवाचार और सतत विकास का दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। प्रदर्शनी में दो परियोजनाएं विशेष रूप से चर्चा का विषय बनीं। पहली, कक्षा 9 के छात्रों—प्रांजल पांडे, देवांश दीक्षित, हुसैन खान, रुचि महेश्वरी, स्वती मिश्रा, आशीष नयन मोहन और रूद्रांश गुप्ता—द्वारा निर्मित सौर ऊर्जा संचालित बाइक। दूसरी, कक्षा 10 के छात्र केशव माहेश्वरी द्वारा प्रस्तुत माइक्रोबियल फ्यूल परियोजना, जिसे ₹10,000 की जिला स्तरीय छात्रवृत्ति प्राप्त हो चुकी है।
मुख्य अतिथियों ने इन दोनों परियोजनाओं को व्यावसायिक उपयोग के लिए सहयोग देने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों के नवाचार को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्न वितरण, जलपान और अभिभावकों की उपस्थिति में तालियों की गूंज के साथ हुआ। अतिथियों और उपस्थितजनों ने पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान के समन्वय पर आधारित इस आयोजन की सराहना की। विद्यालय प्रशासन ने इसे नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक प्रयास बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही।

Check Also

कर वसूली में लापरवाही से 2.46 करोड़ की राजस्व हानि, कैग रिपोर्ट में आरटीओ और उप-निबंधक कार्यालयों की चूक उजागर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार कानपुर। कर वसूली और जमीनों के पंजीकरण में लापरवाही से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES