वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के 42वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शिरकत कर चिकित्सकों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उच्चस्तरीय चिकित्सा, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान ने अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, नवाचार आधारित शोध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से लाखों मरीजों को नया जीवन देने का कार्य किया है। गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज में एसजीपीजीआई ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर प्रदेश को गर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संस्थान चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और जनसेवा के अपने दायित्व को और अधिक मजबूती से निभाएगा।
समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ, एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. राधाकृष्ण धीमन, संकाय अध्यक्ष प्रो. शालीन कुमार, डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह और विशेष सचिव कृतिका शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। समारोह में संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।