– करंट हादसे के पीड़ित परिवार को मिला ₹5 लाख मुआवज़ा।
– लेसा ने मानी लापरवाही,
– जांच में खुली सुरक्षा खामियां
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आखिरकार लखनऊ पश्चिम विधानसभा विधायक रविदास मेहरोत्रा के बुलंद आवाज ने बिजली विभाग को झिंझोड़ कर रख दिया, और और उन्हें 8 साल के मासूम की मौत का मुआवजा उसके परिवार को देना पड़ा।
मामला यूं है कि हुसैनगंज के शंकरपुरी मोहल्ले में 27 जुलाई की दोपहर आठ साल का मासूम फहद खेलते-खेलते बिजली के करंट की चपेट में आ गया। घर में मातम, गली में सन्नाटा और पिता की आंखों में सिर्फ सवाल… “आख़िर जिम्मेदार कौन?”
करीब तीन हफ्ते बाद, लखनऊ मध्य के विधायक रविदास मेहरोत्रा की आवाज ने सरकार को झिंझोड़ दिया। विधानसभा में नियम 51 के तहत विधायक ने इस दर्दनाक हादसे को जोरदार ढंग से उठाया और तत्काल आर्थिक मदद की मांग की। दबाव बढ़ा तो बदनामी से बचने के लिए, गुरुवार को लखनऊ इलेक्ट्रिक सप्लाई एडमिनिस्ट्रेशन (लेसा) ने अपनी गलती मानते हुए पीड़ित परिवार के खाते में ₹5 लाख का मुआवज़ा ट्रांसफर कर दिया।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट में साफ हुआ कि हादसे के वक्त ट्रांसफॉर्मर का सुरक्षा गेट खुला था और जाली भी नहीं लगी थी — एक लापरवाही, जिसने मासूम की जान ले ली। रिपोर्ट के बाद लेसा ने फीडर मैनेजर को निलंबित कर विभागीय चूक पर मुहर लगा दी।
अधिशासी अभियंता अरुण कुमार (हुसैनगंज डिवीजन) ने मुआवज़ा भुगतान की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा इंतज़ाम और सख्त किए जाएंगे।