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वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। पिछले कुछ दिनों से साइबर क्राइम अटैम्प्ट करने और कतिपय मामलों में सफलतापूर्वक कारित करने की दर्जनों घटनाएं मेरी जानकारी में आयी हैं। इस सन्देश के माध्यम से मैं आपको जागरूक और सतर्क करना चाहता हूँ। प्रचलित मामलों में व्हाट्सअप कॉल या व्हाट्सअप वीडियो कॉल का सर्वाधिक प्रयोग किया गया है। डॉ0 अरविंद चतुर्वेदी आईपीएस ने लोगों का जागरूक करने के लिए यह संदेश जारी किया है।
डॉ. चतुर्वेदी इस समय लखनऊ में एसएसपी विजिलेंस के पद पर तैनात हैं। उन्होंने जागरूकता के लिए अपराध के कुछ तरीकों के बारे में आमजन को बताया है।
1- कॉलर आपको कॉल करके आपके बच्चों का नाम, आयु और वे कहाँ रहते हैं, की जानकारी लेता है और फिर उन्हीं में से किसी का नाम लेकर कहता है कि वो अपने तीन अन्य साथियों के साथ रेप के मामले में पकड़ा गया है, लेकिन देखने में सीधा-साधा लग रहा है, इसलिये आपसे हमारे अधिकारी बात करके डील करना चाहते हैं, जिससे उसे छोड़ा जा सके। इस प्रकार पैसे की मांग की जाती है और दबाव बनाकर तत्काल फंड ट्रांसफर के लिए कहा जाता है।
2- कॉलर आपको कॉल करके बताता है कि आपने एक कोरियर (सिंगापुर, कम्बोडिया आदि जैसे देशों का नाम लेकर) भेजा है, जिसमें जाली पॉसपोर्ट, मोबाइल सिम, नॉरकोटिक्स आदि पाया गया है, आपके मना करने पर वो वीडियो काॅल पर आपको आपकी आई.डी., कोरियर की रसीद आदि दिखाता है और मामले को रफा-दफा करने के लिए रूपयों की मांग करता है और भुगतान का दबाव बनाता है।
3- कॉलर कॉल करता है और बताता है कि आपका नाम नरेश गोयल केस में आ गया है, जो दो साल से जेल में है। आपके खाते में मनी लॉड्रिंग का पैसा जमा किया गया है और जिसको वैरीफाई करना है। कॉलर लगातार पुलिस की वर्दी में रहते हुए सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर से दूसरे फोन पर बात करने का नाटक करता है और इस बीच आर0बी0आई0 की सील लगा कागज भी आपको दिखाता है। वो आपसे कहता है कि आप अपने सभी खातों का पैसा हमारे द्वारा बताये गये आर.बी.आई. के खाते में आर.टी.जी.एस. से तत्काल भेजिये, जिसे वैरीफाई करके आपको वापस कर दिया जायेगा। आपके पैसा ट्रांसफर करने पर वो आर.बी.आई. की मुहर लगी रसीद भी भेजता है। ऐसे फ्रॉड में एक रिटायर्ड अध्यापिका ने 3.55 करोड़ रूपये, एक रिटायर्ड चीफ इन्जीनियर ने 30.50 लाख रूपये और एक उद्यमी ने 05.70 लाख रूपये गवां दिये।
डॉ अरविन्द चतुर्वेदी की आमजन को सलाह :
1. किसी पुलिस वाले या सी.बी.आई. या ई.डी. या अन्य एजेंसी का नाम लेने वाले व्यक्ति के दबाव में बिल्कुल न आयें। ये सब नूह, मेवात से कॉल कर रहे हैं।
2. यदि उपरोक्त विवरण से मिलता-जुलता कॉल आपके पास आता है, तो आप अपने किसी निकट सम्बन्धी का नाम, आयु, उसके रहने के स्थान आदि की जानकारी कतई न दें।
3. ऐसा कॉल आने पर कुछ देर बात करने के बाद ही कॉल को काट दें और अपने निकट शुभचिंतक को इसके बारे में बतायें, जिससे आप विवेकपूर्ण निर्णय ले सकें।