वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 9 सितम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक उच्चस्तरीय अन्तर्विभागीय बैठक में प्रदेश में संचारी रोगों की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष अप्रैल, जुलाई व अक्टूबर माह में संचारी रोगों पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ प्रदेशव्यापी संचारी रोग नियन्यण अभियान संचालित होता है। आगामी अक्टूबर माह से इसका नवीन चरण प्रारम्भ होना है। इसमें सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण है। हमारे सामने इंसेफेलाइटिस नियन्त्रण और कोविड प्रबन्धन के दो सफल मॉडल हैं, जो संचारी रोग नियन्यण अभियान में हमारे लिए उपयोगी होंगे। आज हर जनपद में डेंगू जांच की सुविधा है। आगामी 15 नवम्बर तक का समय संचारी रोगों की दृष्टि से संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में इंसेफेलाइटिस से हजारों बच्चों की मौत होती थी। वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने अन्तर्विभागीय समिति बनाकर जापानी इंसेफेलाइटिस के नियन्त्रण के लिए कार्य किए। 04 दशकों से कहर बनी बीमारी पर प्रदेश सरकार ने 05 वर्ष में नियंत्रण पा लिया। नियंत्रण के बाद अब हमारा अगला लक्ष्य उन्मूलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी हाॅटस्पाॅट की स्थिति न बनने पाए। प्रदेश के सभी पी0एच0सी0, सी0एच0सी0, जिला अस्पतालों व मेडिकल काॅलेजों के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी हर दिन सायंकाल अपने प्रभार के अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्था सुचारु बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दृष्टिगत नालों की सफाई करा ली जाए। सिल्ट जमा न हो, ताकि बारिश में जलभराव न हो। मलिन बस्तियों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नगर विकास मंत्री ए0के0 शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थसारथी सेन शर्मा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, ग्राम्य विकास आयुक्त जी0एस0 प्रियदर्शी, सचिव नगर विकास अजय कुमार शुक्ल, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।