वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। अलीगंज स्थित गेमिंग जोन में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच गई है। जांच में इमारत में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और कई सरकारी विभागों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एसआईटी अपनी रिपोर्ट एक-दो दिन में शासन को सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
जांच में पता चला है कि जिस इमारत में गेमिंग जोन और पेट शॉप संचालित हो रहे थे, वहां निर्माण नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई थी। भवन का स्वीकृत बिजली लोड 20 किलोवाट था, जबकि करीब 35 किलोवाट बिजली का उपयोग किया जा रहा था। अधिक लोड और अव्यवस्थित निर्माण के कारण आग लगने के बाद वह तेजी से पूरी इमारत में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि भवन में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। प्रवेश और निकास के लिए बायोमीट्रिक डोर लगाया गया था तथा आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए दूसरा रास्ता उपलब्ध नहीं था। भवन स्वामी ने अवैध मंजिल का निर्माण कराने के बावजूद वैकल्पिक निकास के लिए लोहे की सीढ़ियां नहीं बनवाईं। उनकी जगह लिफ्ट लगवा दी गई, जो आग लगने के दौरान बेकार साबित हुई। इतना ही नहीं, सीढ़ियों के रास्ते पर एयर कंडीशनर की आउटर यूनिट लगने से आग और धुएं के बीच वहां से निकलना भी संभव नहीं रहा।
सूत्रों का कहना है कि अधिक बिजली लोड के बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कई अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।