वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। इस वर्ष राम नवमी का पर्व विशेष संयोगों के बीच मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 27 मार्च को राम नवमी गजकेसरी और सुकर्मा योग में पड़ेगी, जो अत्यंत शुभ माने जाते हैं। नवमी तिथि 26 मार्च को दोपहर 11:48 बजे से प्रारंभ होकर 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे तक रहेगी। चूंकि 27 मार्च को उदया तिथि पड़ रही है, इसलिए इसी दिन विधि-विधान से पूजन किया जाएगा।
मान्यता है कि भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इस बार 27 मार्च की सुबह 9:35 बजे तक मिथुन राशि में चंद्रमा और बृहस्पति की युति से गजकेसरी योग बन रहा है। यह योग बुद्धि, प्रतिष्ठा और उन्नति का कारक माना जाता है। इसके साथ ही सुकर्मा योग पूरे दिन व्याप्त रहेगा, जो नए कार्यों, व्यापार और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
राम नवमी पर पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:13 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक रहेगा। मध्याह्न 12:27 बजे पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धालु स्नान के बाद पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और भगवान राम की प्रतिमा या चित्र को स्थापित कर चंदन, अक्षत, पुष्प और वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप प्रज्वलित कर फल और मिठाई का भोग लगाएं तथा मंत्रोच्चार के साथ आरती करें।
धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ योगों में रामलला का जन्मोत्सव मनाने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। शहर के मंदिरों में भी इस अवसर पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।