वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बलरामपुर। बलरामपुर में चांदी कारोबारियों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4.435 किलो चांदी की पायल, करीब 3.50 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद चांदी की कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि 10 मार्च को आगरा निवासी चांदी कारोबारी पवन कुमार राठौर ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने फर्जी जीएसटी नंबर और नकली विजिटिंग कार्ड के जरिए भरोसा जीतकर चांदी का ऑर्डर लिया। असली माल लेने के बाद उसकी जगह गिलट यानी नकली चांदी वापस कर दी और शुद्धता का फर्जी प्रमाण पत्र भी भेज दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस टीम को लगाया। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन गोंडा रेलवे स्टेशन के पास मिली। इसके बाद मंगलवार सुबह घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि कुमार वर्मा, आकाश अग्रहरी उर्फ शानू और लकी दुबे उर्फ प्रद्युम्न, निवासी गोरखपुर के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी फर्जी सिम कार्ड के जरिए कारोबारियों से संपर्क करते और प्रतिष्ठित फर्मों के नाम से नकली दस्तावेज तैयार कर विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद कोरियर से असली चांदी मंगाकर उसी माध्यम से मिलावटी चांदी वापस भेज देते थे। बरामद मोबाइल फोन में कई व्हाट्सएप ग्रुप और चैट मिली हैं, जिनके जरिए कारोबारियों की जानकारी जुटाकर ठगी की योजना बनाई जाती थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का संचालन गोरखपुर से हो रहा था और इसके तार अन्य जिलों व राज्यों तक फैले हो सकते हैं। पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।