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सरकार हर आवास विहीन व्यक्ति को पक्का आवास देने के लिए प्रतिबद्ध – केशव प्रसाद मौर्य

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार

लखनऊ । प्रदेश में आवासविहीन परिवारों को पक्की छत की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतया राज्य सहायतित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2018-19 से संचालित है। इस योजना में अब तक 4.72 लाख परिवारों को आवास आवंटित किया गया है। योजना की प्राथमिकता श्रेणी में सामाजिक रूप से अत्यन्त कमजोर मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार आदि वर्ग, विभिन्न जनजातियों, विशिष्ट रोगो से पीड़ित परिवारों, दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों, दिव्यागंजन तथा पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित विधवा महिला (आयु 18 से 50 वर्ष) आदि को सम्मिलित किया गया है।
बताते चलें कि ऐसे परिवार जो प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता रखते है, किन्तु सूची में नाम सम्मिलित न होने के कारण इन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत निर्धारित प्राथमिकता श्रेणी में आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को समय से आवास मिल सके तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर इनके द्वारा आवास बनाया जा सके, इसके दृष्टिगत उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2026-27 मे मुख्यमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के लाभार्थियो के चयन/ मांग पत्र भेजने के दिये निर्देश ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियो को दिये है। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार हर आवास विहीन व्यक्ति को पक्का आवास देने के लिए प्रतिबद्ध है।
लाभार्थियों के चयन की कार्यवाही करने के निर्देश आयुक्त, ग्राम्य विकास, उ०प्र० द्वारा प्रदेश के समस्त मुख्य विकास अधिकारियों को दिये गये हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब आगामी वर्ष के लाभार्थियों की चयन की कार्यवाही वित्तीय वर्ष शुरू होने के पूर्व ही प्रारम्भ कर दी गयी है।पति की मृत्यु के उपरान्त आवासविहीन निराश्रित महिला (आयु 18 से 50 वर्ष) का प्राथमिकता पर आच्छादन हेतु सघन अभियान चलाये जाने के निर्देश भी समस्त मुख्य विकास अधिकारियों को दिये गये है। इसके लिए महिला कल्याण विभाग, उ०प्र० से 18 से 50 वर्ष की निराश्रित विधवा महिलाओं की 15.53 लाख पेन्शन लाभार्थियों की सूची भी जनपदो को उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे इनका सत्यापन कराते हुए पात्र होने की स्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास आवंटन सूची में इनका नाम सम्मिलित किया जा सके। इस सत्यापन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने के निर्देश भी सभी मुख्य विकास अधिकारियों को आयुक्त, ग्राम्य विकास,विभाग द्वारा दिये गये है।
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास केवल महिला मुखिया के नाम पर ही आवंटित किये जायेगें, यदि पुरूष के नाम पर आवास आवंटित किया जाता है, तो कारण बताते हुए इसकी अनुमति मुख्य विकास अधिकारी से लेनी होगी। लाभार्थियों की मांग केवल पोर्टल पर ही की जायेगी, इसके लिए जरूरी है कि जनपदो द्वारा श्रेणीवार /उप श्रेणीवार पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण आवास साफ्ट पर किया जाय। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय से आवास प्राप्त हो. इसके दृष्टिगत यह कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। निर्देश दिये गये हैं कि वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का मांग पत्र 15 अप्रैल, 2026 तक उपलब्ध करा दिया जाए तथा इन लाभार्थियों का पंजीकरण भी आवास साफ्ट पर कर लिया जाय।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के अन्तर्गत रू0 1400.02 करोड़ का बजट प्राविधान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है।

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