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इंडियन जूलॉजिकल वेलफेयर सोसाइटी की प्रथम वार्षिक बैठक में पशु विज्ञान के नए रुझानों पर मंथन

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। Indian Zoological Welfare Society द्वारा Sri Krishna Dutt Academy के सहयोग से आयोजित प्रथम वार्षिक बैठक के अंतर्गत “Recent Trends in Animal and Allied Sciences” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ गुरुवार को वृंदावन योजना स्थित अकादमी परिसर में हुआ। सम्मेलन के पहले दिन देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों, पर्यावरणविदों, न्यूरो और कॉग्निटिव वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
उद्घाटन सत्र में पशु कल्याण और संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, नवाचारों और सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और प्रतिभागियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पशु संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता के महत्व पर भी मंथन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि M. L. B. Bhatt, निदेशक Kalyan Singh Super Specialty Cancer Institute ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और पशु कल्याण के क्षेत्र में अंतःविषयी सहयोग की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच संवाद और साझेदारी से ही इस क्षेत्र में प्रभावी समाधान और नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बहुविषयी अध्ययन के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे मंच पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने और पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में एसकेडी ग्रुप की डिप्टी डायरेक्टर निशा सिंह और एसकेडी अकादमी की असिस्टेंट डायरेक्टर कुसुम बत्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सोसाइटी के संगठनात्मक नेतृत्व में डॉ. पी. आर. यादव, डॉ. श्रीकांत के. रथ, डॉ. संतोष के. केदार और डॉ. राजेश कुमार खरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि सम्मेलन का समन्वयन डॉ. मंजरी शुक्ला और डॉ. नेहर्षि श्रीवास्तव ने किया। सम्मेलन का दूसरा दिन 28 फरवरी को विभिन्न तकनीकी सत्रों, शोध प्रस्तुतियों और समापन समारोह के साथ आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन पशु एवं संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध सहयोग और युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

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