वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। खनिज क्षेत्रों में सुधार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारतीय खनिविद्यापीठ, धनबाद के सहयोग से तैयार किए गए State Mining Readiness Index (SMRI) में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
खनन क्षेत्र में राज्यों के प्रदर्शन का आकलन करने हेतु तैयार इस सूचकांक में राज्यों को खनन क्षेत्रफल एवं संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। उत्तर प्रदेश को गोवा, असम, केरल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और मेघालय के साथ श्रेणी-B में रखा गया है। इस श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी कार्यकुशलता और सुधारों की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रमाण दिया है। राज्य को यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में खनन प्रशासन में पारदर्शिता, ई-नीलामी व्यवस्था, खनिज राजस्व में वृद्धि और सतत खनन नीति के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप मिली है।
खनिज विभाग के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा खनन पट्टों के स्वचालित अनुमोदन, ई-ट्रांजिट पास व्यवस्था और तकनीक आधारित निगरानी जैसे कदमों ने उत्तर प्रदेश को इस श्रेणी में अग्रणी बनाया है। यह उपलब्धि राज्य के खनन क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।