वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय कस्तूरी फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से काकोरी के फतेहगंज गांव में ‘विद्या पर्व’ का आयोजन किया गया। बसंत पंचमी की थीम पर आधारित इस सांस्कृतिक उत्सव में ग्रामीण बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित ग्रामीणों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी अपनी प्रतिभा से नई पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। बच्चों ने मधुर सुरों में सरस्वती गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद देशभक्ति गीतों की ओजपूर्ण प्रस्तुतियों ने लोगों में उत्साह और गर्व की भावना भर दी। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास, लयबद्ध प्रस्तुति और भावपूर्ण अभिनय देखकर ग्रामीणों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। संस्था के सदस्यों ने भी बच्चों की प्रतिभा की खुले दिल से सराहना की।
कस्तूरी फाउंडेशन की ओर से बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए स्टेशनरी किट, कॉपी, किताब, पेंसिल सहित आवश्यक शैक्षिक सामग्री और खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। जिन बच्चों ने विशेष प्रतिभा का प्रदर्शन किया, उन्हें संस्था द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उपहार और नए शैक्षिक संसाधन पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
इस आयोजन में पूनम तिवारी का विशेष सहयोग रहा। वहीं कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में वालंटियर्स संतोष कुमार, रजनी तिवारी, मेवा लाल, रंजीता और सुशील कुमार का सराहनीय योगदान रहा। संस्था की सचिव भावना सिंह और कोषाध्यक्ष शालिनी सिंह के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
संस्था की पदाधिकारियों ने कहा कि विद्या पर्व का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। कस्तूरी फाउंडेशन भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करती रहेगी।