वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में दलित महिला की हत्या और नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। घटना को लेकर गांव और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया। सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसे लेकर विधायक और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जबकि समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस कार्रवाई से नाराज विधायक अतुल प्रधान मौके पर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाना अनुचित है और यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जब तक हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग बेटी की सकुशल बरामदगी नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव कपसाड़ के चारों ओर से रास्ते सील कर दिए गए हैं। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं।
पीड़ित परिजन भी आरोपियों की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने महिला का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। पुलिस और प्रशासन लगातार वार्ता कर हालात संभालने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और किशोरी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी।