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एसआईआर में वोट कटने में लखनऊ अव्वल, गाजियाबाद दूसरे एवं बलरामपुर तीसरे नंबर पर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जारी एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ड्राफ्ट सूची में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे हैं, जो करीब 18 प्रतिशत है। सबसे अधिक असर राजधानी लखनऊ में देखने को मिला है, जहां 30.05 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं। पहले लखनऊ में 39.94 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 27.94 लाख रह गए हैं। यानी करीब 12 लाख वोटरों के नाम कटे हैं। एसआईआर के दौरान पहली बार बड़ी संख्या में लोगों ने शहर की बजाय अपने पैतृक निवास स्थान को प्राथमिकता दी, जिसका सीधा असर शहरी जिलों की मतदाता सूची पर पड़ा है।
लखनऊ के बाद गाजियाबाद दूसरे स्थान पर है, जहां 28.83 प्रतिशत वोट कटे हैं। यहां पहले 28 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर करीब 20 लाख रह गए हैं। 25.98 प्रतिशत के साथ बलरामपुर तीसरे नंबर पर है, जहां चार लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर की यह ड्राफ्ट सूची आने वाले चुनावों में प्रदेश की सियासी दिशा बदलने के संकेत दे रही है। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद प्रदेश के पांच प्रमुख धार्मिक जिलों अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज और गोरखपुर पर सबसे ज्यादा नजर रही। इन जिलों में सबसे अधिक 24.64 प्रतिशत वोट प्रयागराज में कटे हैं। प्रयागराज में पहले 46.92 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 35.36 लाख रह गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां एनडीए ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि चार सीटें सपा के खाते में गई थीं। हालांकि लोकसभा चुनाव में भाजपा को यहां हार का सामना करना पड़ा था। मथुरा में 19.20 प्रतिशत, वाराणसी में 18.18 प्रतिशत और अयोध्या में 17.69 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। गोरखपुर में भी करीब 17.61 प्रतिशत वोट घटे हैं। गोरखपुर शहर सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधायक हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था।
लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, नोएडा, कानपुर, बरेली और गाजियाबाद जैसे शहरी जिलों में मतदाताओं की संख्या में आई गिरावट को अहम माना जा रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक भाजपा का मजबूत आधार रहा है। ऐसे में मतदाताओं की संख्या घटने का सबसे ज्यादा प्रभाव सत्तारूढ़ दल पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
यूपी के 5 मुस्लिम बहुल जिले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल में मुस्लिम मतदाता 40 से 50% तक हैं। इन जिलों में 20% तक वोटर कम हुए हैं। इन जिलों में विधानसभा की 28 सीटें हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में इसमें 11 सीटों पर एनडीए जीता था। बाकी 17 सीटों पर सपा गठबंधन को बढ़त मिली थी। हालांकि चुनाव बाद रालोद भाजपा के साथ आ चुका है।
मुरादाबाद की 6 विधानसभा सीटों में 3,87,628 (15.76%) वोटर कम हुए हैं। सहारनपुर की 7 सीटों में 4,32,539 (16.37%) वोटर कम हुए हैं।
मुजफ्फरनगर में 6 सीटों में 3,44,222 (16.29%) वोटर कम हुए। रामपुर की 5 सीटों में 3,21,572 (18.29%) वोटर कम हुए हैं। संभल की 4 सीटों में 3,18,615 (18.29%) वोटर कम हुए हैं।

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