वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल प्रगति @ 50 ने सक्रिय कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति मैकेनिज्म प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन की बैठक के बाद कैबिनेट सचिव और विभिन्न विभागों के सचिवों ने इसके परिणामों और उपलब्धियों की जानकारी मीडिया को दी।
ब्रीफिंग के दौरान कैबिनेट सचिव ने बताया कि प्रगति आधारित इकोसिस्टम के अंतर्गत एक सुव्यवस्थित और संरचित प्रोजेक्ट व इश्यू एस्केलेशन मैकेनिज्म विकसित किया गया है। यह तंत्र केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न स्तरों पर लंबित मुद्दों की नियमित निगरानी करने और उनके समयबद्ध समाधान को सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। इससे परियोजनाओं से जुड़ी बाधाओं की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो जाती है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में समस्याओं का समाधान संबंधित मंत्रालय स्तर पर ही कर लिया जाता है। वहीं, जटिल और राष्ट्रीय महत्व के विषयों को उच्च स्तरीय समीक्षा के लिए निर्धारित संस्थागत तंत्रों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली प्रगति बैठकों में लिया जाता है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आती है।
कैबिनेट सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एस्केलेशन फ्रेमवर्क अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करता है और समयबद्ध निर्णय लेने में मदद करता है। राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को दूर करने में प्रगति एक प्रभावी मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्चतम स्तर पर निरंतर निगरानी और समीक्षा के कारण जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है और परियोजनाओं के कार्यान्वयन की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।