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सनातन विश्व की प्राचीनतम परम्परा, एकजुटता से ही साकार होगा विकसित भारत: मुख्यमंत्री योगी

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
झज्जर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म की परम्परा विश्व की सबसे प्राचीन और कल्याणकारी परम्पराओं में अग्रणी है, जिसने साधना और सिद्धियों के माध्यम से मानव सभ्यता को उन्नत दिशा देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा के झज्जर जनपद के ग्राम कबलाना में सिद्ध योगी बाबा पालनाथ की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और आठ मान भण्डारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत गुरु स्तुति ‘नमः गुरुभ्यो गुरुपादुकाभ्यो…’ से करते हुए समस्त संतों और सिद्ध योगियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परम्परा दर्शन और ज्ञान की विशिष्ट धारा को आगे बढ़ाने वाली मार्गदर्शक पद्धति रही है, जिसमें नाथ सम्प्रदाय का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने बताया कि इस परम्परा की शुरुआत आदिनाथ भगवान शिव से हुई और आज मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ शिव परिवार की प्रतिष्ठा भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन रही है। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर निर्माण और 2019 के उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प विश्व के सामने भारत की आध्यात्मिक चेतना को पुनर्स्थापित करने का अवसर बना।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को योग, ध्यान और प्राणायाम से जोड़ते हुए ‘स्वस्थ भारत-विकसित भारत’ निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही नशा, धर्मांतरण और सामाजिक विभाजन को चिंतन का विषय बताते हुए उन्होंने एकजुटता और जन-जागरण की सनातन विधाओं को नवीन संदर्भ में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, अभिभावक और स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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