वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मुरादाबाद/लखनऊ। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश ने 26 नवंबर 2025 को थाना पाकबड़ा क्षेत्र में अंतरराज्यीय वाहन चोरी और अवैध व्यापार से जुड़े गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने असम और पश्चिम बंगाल से चोरी कर लाए गए 04 ट्रैक्टर और 02 अलग किए गए जॉनडियर इंजन के साथ इन्हें ढोने में प्रयुक्त एक कैण्टर भी जब्त किया। गिरफ्तारी हाकिमपुर स्टेशन रोड पर बड़े तालाब से 100 मीटर पहले शाम 4:25 बजे की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों में कासिम (अमरोहा), मुस्तकीम (अमरोहा), जाने आलम (अमरोहा) और कैण्टर चालक शेरपाल (सम्भल) शामिल हैं। मौके से चार मोबाइल फोन, 4500 रुपये नकद और पहचान पत्र बरामद हुए।
एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि मुरादाबाद में असम और पश्चिम बंगाल से चोरी के ट्रैक्टरों की खरीद–फरोख्त का अवैध नेटवर्क सक्रिय है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में फील्ड इकाई बरेली की टीम अभिसूचना संकलन में जुटी थी। पूछताछ में कासिम ने बताया कि वह चोरी के पुराने ट्रैक्टर खरीदकर कैण्टर से मंगाता, उनकी मरम्मत–पेंटिंग कराता और फिर चेसिस नंबर, इंजन नंबर तथा मार्का प्लेट बदलकर ऊंचे दामों में बेच देता था। कैण्टर चालक शेरपाल ने स्वीकार किया कि वह माल सप्लाई के दौरान वापसी में ट्रैक्टर, इंजन और अन्य कलपुर्जे लोड कराकर लाता था। आगे की पूछताछ में खुलासा हुआ कि 02 इंजन पटियाला के बॉबी नामक व्यक्ति को भेजे जाने थे, जबकि ट्रैक्टर मुजफ्फरनगर के रवि–दीपक, और दो अन्य ट्रैक्टर दडियाल निवासी शखावत को दिए जाने की योजना थी। गिरोह का सरगना शमशूल हसन (कुंदरकी) कैण्टर का मालिक बताया गया है।
थाना पाकबड़ा में अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा संख्या 338/2025, धारा 317(5), 61(2), 318(4) बीएनएस और 52 एमवी एक्ट के तहत दर्ज कराया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। एसटीएफ का दावा है कि इस कार्रवाई से तराई और पूर्वोत्तर के बीच सक्रिय वाहन चोरी एवं अवैध दवा–वाहन सप्लाई नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।