वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में वृद्धजन कल्याण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब ‘एक परिवार एक पहचान’ फैमिली आईडी प्रणाली के माध्यम से पात्र वृद्धजनों का राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में स्वतः नामांकन और स्वीकृति की प्रक्रिया लागू होगी। इसका उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों को लाभ पहुंचाना है, जो पात्र होने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण योजना से वंचित रह जाते हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। नई प्रणाली के तहत फैमिली आईडी से 60 वर्ष पूर्ण करने वाले या अगले 90 दिनों में 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले पात्र व्यक्तियों की सूची स्वतः तैयार होकर समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेजी जाएगी। विभाग डिजिटल माध्यम—जैसे एसएमएस, व्हाट्सऐप या कॉल—के जरिए उनसे सहमति प्राप्त करेगा। सहमति पोर्टल, ग्राम पंचायत सहायक या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी दी जा सकेगी।
सहमति मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर डिजिटल स्वीकृति जारी की जाएगी और पेंशन सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जाएगी। वार्षिक सत्यापन न होने, आयकर दाता पाए जाने या मृत्यु की स्थिति में पेंशन समाप्त कर दी जाएगी। डेटा विश्लेषण, सतर्कता और ऑडिट व्यवस्था को मजबूत कर दुरुपयोग रोकने के लिए भी नए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।