– AQI 400 के पार, सांस लेना हुआ मुश्किल
– हाइब्रिड मोड में चलेंगी 5वीं तक की कक्षा
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
नोएडा/गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रैप (GRAP) की स्टेज-3 लागू कर दी है। इसके साथ ही नोएडा और गाजियाबाद में कई सख्त प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं, जिनमें स्कूलों को बंद कर हाइब्रिड मोड में चलाना और लगभग सभी निर्माण गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध शामिल है।
प्राधिकरण ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मेट्रो, अस्पताल और फ्लाईओवर निर्माण जैसी अनिवार्य परियोजनाओं को छोड़ बाकी सभी निर्माण कार्य रोक दिए जाएं। इसी के साथ BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के परिचालन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बुधवार शाम को नोएडा सेक्टर-125 में AQI 425, सेक्टर-1 में 407, सेक्टर-116 में 415, जबकि गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम में 412 दर्ज किया गया। लगातार बढ़ रहे PM 2.5 और PM 10 के स्तर ने लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया है। कई जगहों पर आंखों में जलन, खांसी और गले में खराश की शिकायतें बढ़ी हैं। इसी के तहत सभी रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट्स, स्टोन क्रशर और डिमोलिशन साइट्स को भी बंद करने के आदेश दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए नोएडा प्रशासन ने स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है। कक्षा 5 तक के बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएगी, ताकि बच्चों को प्रदूषित हवा के खतरे से बचाया जा सके।
गाजियाबाद प्रशासन ने इससे भी सख्त रुख अपनाते हुए नर्सरी से कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों को अगले आदेश तक पूरी तरह ऑनलाइन मोड में चलाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्मॉग और जहरीली हवा का बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। आदेश परिषदीय, सहायता प्राप्त और सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोचिंग संस्थानों को भी छोटे बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन कराने को कहा गया है। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।