वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। जलकल विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने नगर निगम में तैनात मुख्य नगर लेखा परीक्षक बनवारी लाल की जांच रिपोर्ट को असत्य और भ्रामक बताया है। नगर निगम की जांच रिपोर्ट में सहायक लेखाकार मृत्युंजय की नियुक्ति को शासनादेशों और नियमों के विपरीत बताया गया था। फरवरी 2023 में गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने कहा था कि मृत्युंजय की कनिष्ठ लेखा लिपिक पद पर अनुकंपा नियुक्ति नियमों के अनुरूप नहीं थी। इस पर नगर निगम ने भी उनकी अर्हता पर प्रश्न उठाए थे।
जलकल महाप्रबंधक का कहना है कि सहायक लेखाकार मृत्युंजय के विरुद्ध किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और नियुक्ति की प्रक्रिया विभागीय नियमों के अनुसार की गई थी। वहीं, जांच रिपोर्ट में पुलिस अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा गया कि नियुक्ति से पूर्व चरित्र सत्यापन नहीं कराया गया और शासनादेशों का पालन नहीं हुआ। विवाद तब और बढ़ गया जब नगर निगम एवं पुलिस विभाग की रिपोर्टों में विभिन्न बिंदुओं पर असहमति सामने आई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की संपूर्ण रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 में वित्त विभाग द्वारा लेखा संवर्ग के पदों पर नई नियुक्तियों और पदोन्नतियों पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद 2022 में मृत्युंजय को सहायक लेखाकार पद पर पदोन्नति दी गई, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल शासन स्तर पर मामले की समीक्षा जारी है और संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।