वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 11.37 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ चुकी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर पहुंच गया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वरोजगार और कुशल वेतन रोजगार के अवसर प्रदान करके स्थायी आजीविका के मार्ग पर अग्रसर करना है।
राज्य में अब तक 2.44 लाख ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, 47,952 बैंक सहायिकाएं (Bank Sakhi) प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जो स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग और ऋण सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं। प्रदेश में 3.74 लाख से अधिक कृषि और गैर-कृषि उद्यमों को समर्थन दिया गया है, जबकि 6,000 से अधिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों को 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया है, जिसकी पुनर्भुगतान दर 98 प्रतिशत से अधिक रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और उद्यमिता के अवसर मिल रहे हैं। मेघालय की हनीदमांकी कनाई जैसी प्रेरक कहानियां इस योजना की सफलता का उदाहरण हैं, जिन्होंने यूपी के SHG नेटवर्क के सहयोग से आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की।
केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह योजना ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन और जीवन स्तर सुधार की दिशा में सशक्त परिवर्तन का आधार बन रही है।