– “भाजपा राज में दलित होना अपराध बन गया है” : संजय सिंह, आप
– समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने घटना को “मानवता पर कलंक” बताया
– सपा, कांग्रेस, आज़ाद समाज पार्टी, AIMIM और बसपा ने दोषियों को सख्त सजा की मांग की
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में दलित बुजुर्ग रामपाल रावत के साथ मंदिर में हुई अमानवीय घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति को झकझोर दिया है। आरोपी दुकानदार स्वामीकांत उर्फ पम्मू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की गूंज विधानसभा गलियारों तक पहुंच गई है। विपक्षी दलों ने इसे दलित उत्पीड़न का मामला बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है, जबकि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि बीमार होने के कारण रामपाल रावत मंदिर की सीढ़ियों पर बैठे थे। तभी दुकानदार ने न केवल जातिसूचक टिप्पणियां कीं, बल्कि उन्हें जबरन अपमानजनक काम करने को मजबूर किया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। डीसीपी पश्चिम रीमा प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच विशेष टीम को सौंपी गई है और पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि “भाजपा राज में दलित होना अपराध बन गया है।” समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी ने भी इसे मानवता के खिलाफ शर्मनाक कृत्य बताया और दोषियों को सख्त सजा की मांग की। एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी खुद काकोरी पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने चेतावनी दी कि “जब तक न्याय नहीं मिलेगा, पार्टी सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगी।” वहीं, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र गौतम ने कहा कि यदि पीड़ित को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो बसपा राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। इस घटना से गांव में भारी आक्रोश है। सामाजिक संगठनों ने इसे दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों की कड़ी बताया है और दोषियों को उदाहरणात्मक सजा देने की मांग की है।
दूसरी तरफ आरोपी दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उस पर एससी/एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। डीसीपी पश्चिम रीमा प्रसाद ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है घटना पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, जबकि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आरोप है कि शीतला माता मंदिर के पास बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग रामपाल से स्थानीय दुकानदार स्वामीकांत उर्फ पम्मू ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं बल्कि उन्हें जबरन पेशाब चाटने और मंदिर परिसर धुलवाने पर मजबूर किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इसे “दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अत्याचार” का उदाहरण बताया है.