वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने आगामी त्योहारों — धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज — के मद्देनज़र राज्यभर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जनपद प्रभारी पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भारी भीड़ के चलते अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और सादे वस्त्रों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। सर्राफा बाजारों सहित प्रमुख बाजारों में एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रखा जाए तथा वरिष्ठ अधिकारी स्वयं गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करें। पुलिस को प्रत्येक छोटी सूचना को गंभीरता से लेकर मौके पर पहुंचकर विवादों का समाधान करने और संवेदनशीलता दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने सभी थानों को निर्देश दिया है कि त्योहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर-8 की प्रविष्टियों की समीक्षा कर नई परंपराओं की अनुमति न दी जाए। जिन स्थानों पर पूर्व में विवाद हुए हैं, वहां पुलिस और राजस्व अधिकारियों द्वारा स्थिति का पूर्व अध्ययन कर संवेदनशीलता कम करने के उपाय किए जाएं। जिलों में रिजर्व पुलिस कर्मियों की क्यूआरटी टीम बनाई जाए और सभी भीड़ नियंत्रण उपकरण तैयार अवस्था में रखे जाएं।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, पार्क, मल्टीप्लेक्स और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सघन चेकिंग की जाए। शांति समितियों, व्यापार मंडलों और धर्मगुरुओं के साथ बैठकें कर सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाए। असामाजिक तत्वों की सूची अद्यतन कर उन पर निगरानी रखने और आवश्यक होने पर निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
भैयादूज और गोवर्धन पूजा पर घाटों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पुलिस प्रबंध करने, बैरिकेटिंग, फ्लड लाइट और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने पटाखों और विस्फोटक सामग्री के निर्माण, संग्रहण और विक्रय के लिए सख्त निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल लाइसेंसधारक विक्रेताओं को ही अनुमति दी जाए और रिहायशी क्षेत्रों से अलग स्थान पर दुकानों की व्यवस्था की जाए। अग्निशमन विभाग को 24 घंटे सतर्क रहने और चेकिंग टीमों में प्रशिक्षित अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक ने सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी, भ्रामक पोस्टों के तत्काल खंडन और दोषियों पर विधिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने और अभिसूचना इकाइयों को सतर्क बनाए रखने पर ज़ोर दिया ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।