वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आईआईएम रोड पर अल्टिस_कश्यप इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक हॉस्पिटल का शुभारंभ विधायक जय देवी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। यह अस्पताल लखनऊ में 120 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बाल चिकित्सा सुपरस्पेशियलिटी संस्थान है, जिसे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
अस्पताल का संचालन अनुभवी निदेशक मंडल द्वारा किया जाएगा जिसमें डॉ. सूरज मिश्रा, डॉ. दिग्विजय चौधरी, डॉ. अभिनव अग्रवाल, डॉ. श्रीश भटनागर, डॉ. पियूष कुमार और डॉ. विक्रांत आनंद शामिल हैं। इनके साथ डॉ. शिवानी बाजपेई, डॉ. आरिफ, डॉ. नाज़िश, डॉ. प्रतिक्षा, डॉ. गौरव कोहली, डॉ. साक्षी शर्मा, डॉ. अजय शर्मा और डॉ. भारती भी अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाओं से सुसज्जित है। इसका मुख्य ध्यान गहन चिकित्सा देखभाल पर केंद्रित है। यहां आईएनओ (इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड) थेरेपी यूनिट की सुविधा उपलब्ध है जो हृदय और फेफड़ों की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे नवजात शिशुओं के उपचार में सहायक है। हाई फ्रीक्वेंसी ऑस्सिलेटरी वेंटिलेटर नवजात शिशुओं के नाजुक फेफड़ों को नुकसान पहुँचाए बिना उन्हें प्रभावी ढंग से सांस लेने में मदद करता है। अत्याधुनिक इनक्यूबेटर समय से पहले जन्मे शिशुओं को माँ के गर्भ जैसा सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। एप्निया मॉनिटर लगातार शिशुओं की श्वास गति पर नजर रखते हैं और किसी भी बाधा की स्थिति में अलार्म बजाते हैं, जिससे तुरंत हस्तक्षेप संभव होता है।
अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई और बाल गहन चिकित्सा इकाई की व्यवस्था की गई है। इसमें प्रशिक्षित नर्सें और सहायक कर्मचारी चौबीसों घंटे सेवाएं देंगे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे इलाज की सफलता दर में सुधार होगा और माता-पिता का मानसिक और आर्थिक बोझ भी कम होगा। यहां पर पीडियाट्रिक डायलिसिस, पीडियाट्रिक एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी जैसी विशेष चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो लखनऊ में पहली बार किसी अस्पताल में शुरू की गई हैं। इन सुविधाओं को उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के लिए वरदान बताया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में विधायक जय देवी ने कहा कि अस्पताल को मानवता के आधार पर हर वर्ग के बच्चों की चिकित्सा आवश्यकताओं का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान प्रदेश भर में गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाएगा।