वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजवादी चिंतक डॉ. जी.जी. पारिख के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. पारिख का जीवन समाजवादी आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का प्रतीक था।
अखिलेश यादव ने स्मरण किया कि 1942 में जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया था, तब बंबई में डॉ. पारिख भी सक्रिय रूप से आंदोलन में शामिल हुए। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे जेल गए और 10 माह तक कारावास में रहे। उस दौर में जेल जाना देशभक्ति का प्रतीक माना जाता था। उन्होंने बताया कि डॉ. पारिख के प्रयासों से 1946 में शुरू हुआ ‘जनता वीकली’ आज भी लगातार प्रकाशित हो रहा है। लगभग 65 वर्ष पहले उन्होंने यूसुफ मेहर अली सेंटर की स्थापना की थी, जो समाजवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र रहा। डॉ. पारिख ने अपने जीवनकाल में साम्प्रदायिकता, मुस्लिम, दलित और महिलाओं के प्रति हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की। वे सामाजिक सद्भाव और नफरत से मुक्ति को समाजवादी विचारधारा से जोड़कर नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि 101 वर्ष की आयु में डॉ. जी.जी. पारिख का निधन समाजवादी आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका संघर्ष, त्याग और योगदान हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।