– राष्ट्रोत्थान के लिये अनामिक हो सदैव काम करते थे मधुभाई : स्वांतरंजन
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं पूर्व अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख माधव विनायक उपाख्य मधुभाई कुलकर्णी को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर निरालानगर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इसमें संघ के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी व स्वयंसेवक शामिल हुए। सभा में वक्ताओं ने मधुभाई के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि वे राष्ट्रोत्थान के लिए सदैव अनामिक रहकर काम करने वाले कार्यकर्ता थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पालक स्वांतरंजन ने कहा कि मधुभाई कुलकर्णी का जीवन संघ के आदर्शों का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार ने संगठन को जिन देवदुर्लभ कार्यकर्ताओं के बल पर खड़ा किया, उनमें से एक मधुभाई भी थे। वे स्वयं को कभी आगे नहीं रखते थे, बल्कि नींव के पत्थर की तरह संगठन को मजबूती प्रदान करते थे।
उनका जीवन नारियल की तरह था, बाहर से कठोर लेकिन भीतर से अत्यंत कोमल। स्वांतरंजन ने बताया कि मधुभाई ने गुजरात प्रांत प्रचारक और क्षेत्र प्रचारक के रूप में संगठन को सुदृढ़ बनाया। वे कम बोलते थे लेकिन कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने की उनकी शैली अनोखी थी। अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख रहते हुए उन्होंने प्रचारकों की रुचि के अनुसार जिम्मेदारियां दीं और उनके कार्य का समय-समय पर अनुवर्तन भी करते थे। उन्होंने संघ की विचारधारा को सरल शब्दों में समझाने के लिए ‘अथातो संघ जिज्ञासा’ नामक पुस्तिका भी लिखी, जिसका नया संस्करण हाल ही में प्रकाशित हुआ था।
अवध प्रांत के सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे ने मधुभाई के साथ अपने निकट संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्हें संविधान का गहरा ज्ञान था और राम मंदिर प्रकरण पर वे गहन चर्चा करते थे। उनकी बौद्धिक प्रस्तुतियां इतनी प्रभावशाली होती थीं कि लगता था मानो हम सीधे डॉक्टर हेडगेवार के जीवन को देख रहे हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल, सह प्रांत प्रचारक संजय , क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष, वरिष्ठ प्रचारक अशोक केडिया, सह प्रांत कार्यवाह डॉ. अविनाश वर्मा, साहित्य परिषद के राष्ट्रीय मंत्री पवनपुत्र बादल, विधायक साकेंद्र वर्मा, प्रांत प्रचारक प्रमुख यशोदानंद, विभाग प्रचारक अनिल सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे। सभी ने मधुभाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा में सर्वसम्मति से यह भावना प्रकट हुई कि भले ही मधुभाई अब शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और जीवन मूल्यों का प्रवाह हमेशा कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता रहेगा।