वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। सोशल मीडिया पर आत्महत्या की आशंका जताने वाली पोस्ट पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अद्भुत तत्परता दिखाते हुए एक चिकित्सक की जान बचा ली। गौतमबुद्धनगर जिले के थाना सूरजपुर क्षेत्र निवासी लगभग 50 वर्षीय चिकित्सक ने 12 सितंबर की रात करीब 8:18 बजे फेसबुक पर अपनी और दो बच्चों की तस्वीर लगाकर लिखा, “मैं अपने बच्चों के साथ आत्महत्या कर रहा हूँ… सभी को आख़िरी प्रणाम।” इस पोस्ट का संज्ञान पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल लिया और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया सेंटर ने चिकित्सक के फेसबुक अकाउंट और पोस्ट पर आए कमेंट्स की बारीकी से जांच की। इसमें उनके नोएडा स्थित घर का पता मिला। तुरंत जानकारी गौतमबुद्धनगर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना सूरजपुर के उपनिरीक्षक और उनकी टीम मात्र दस मिनट में चिकित्सक के घर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर देखा कि चिकित्सक रस्सी तैयार कर फांसी लगाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत उन्हें ऐसा करने से रोक लिया और शांत कर काउंसलिंग की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चिकित्सक का पत्नी से विवाद चल रहा था। पत्नी कुछ दिन पहले मायके चली गई थी और बच्चे पति के पास ही थे। इसी तनाव में चिकित्सक अवसादग्रस्त होकर शराब के नशे में आत्महत्या की सोच बैठे थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उनकी जान बच गई। चिकित्सक ने भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन दिया। उनके परिजनों ने भी स्थानीय पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए आभार जताया।
उत्तर प्रदेश पुलिस 24×7 सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सक्रिय रहकर न केवल जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण कर रही है, बल्कि अवसादग्रस्त व्यक्तियों की भी मदद कर रही है। मेटा कंपनी से प्राप्त अलर्ट पर समयबद्ध संज्ञान लेकर पुलिस अब तक 1 जनवरी 2023 से 10 सितंबर 2025 के बीच 1,365 लोगों के जीवन की रक्षा कर चुकी है।