वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बलिया। भोजपुरी साहित्य, सिनेमा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रख्यात साहित्यकार, संपादक, कवि, फिल्म गीतकार और टीवी प्रस्तोता मनोज भावुक को वर्ष 2025 का ‘पाती अक्षर सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान ‘विश्व भोजपुरी सम्मेलन’ और ‘पाती रचना मंच’ की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित 13वें अधिवेशन में टाउन हॉल, बलिया में भव्य समारोह के दौरान दिया गया।
सम्मान समारोह में प्रख्यात साहित्यकार प्रोफेसर सदानंद शाही और पाती पत्रिका के संपादक डॉ. अशोक द्विवेदी ने मनोज भावुक को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुरस्कार राशि प्रदान की। भावुक को यह सम्मान भोजपुरी साहित्य और सिनेमा में उनके विशिष्ट अवदान तथा वैश्विक स्तर पर भोजपुरी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान के लिए दिया गया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के लिए गिरिडीह पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलभद्र और कवि मिथिलेश गहमरी को भी ‘पाती अक्षर सम्मान’ से नवाज़ा गया। वहीं गत वर्ष 2024 के लिए लंगट सिंह कॉलेज, मुजफ्फरपुर के भोजपुरी विभागाध्यक्ष डॉ. जयकांत सिंह ‘जय’ को सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि मनोज भावुक ने युगांडा और लंदन में रहते हुए भी भोजपुरी में निरंतर लेखन किया। बाद में उन्होंने विदेश की इंजीनियर की नौकरी छोड़कर खुद को पूरी तरह भोजपुरी के प्रति समर्पित कर दिया। आज वे साहित्य, सिनेमा, संगीत, टेलीविजन, ओटीटी, ब्लॉगिंग, संपादन और पत्रकारिता सहित भोजपुरी के हर मंच पर एक स्थापित और विश्वसनीय नाम हैं।
सम्मान ग्रहण करते हुए कवि मनोज भावुक ने भावुक शब्दों में कहा, “सम्मान माने भरोसा, भरोसा खातिर आभार। सम्मान माने जिम्मेदारी, त जितना सँपरी, जितना औकात बा, कोशिश करब।”