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युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने में मिशन मोड में जुटी योगी सरकार

– 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित
– आठ वर्षों में 60 से अधिक नए आईटीआई स्थापित
– 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 1.84 लाख सीटें उपलब्ध
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में भी समारोह हुए, जिनमें सांसद और विधायकगण शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत यहां की युवा आबादी है और सरकार की प्राथमिकता उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। सख्ती का परिणाम है कि युवा चयनित होकर अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ दे रहे हैं। अब किसी को भी सिफारिश कराने की जरूरत नहीं पड़ी होगी, नौकरियों की बौछार हो रही है। 08 साल पहले कोई उद्योग नहीं लगाता था, परंपरागत उद्योग भी बंदी की कगार पर थे। जब नीतियां वोट बैंक की चिंता करके बनाई जाती हैं वो प्रदेश को दुर्गति की ओर ले जाती हैं। जब व्यक्ति बेईमानी का सहारा लेता है तो उसका नैतिक पतन हो चुका होता है। पहले चरण में 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण, 10 प्रतिशत मार्जिन मनी एवं 70,000+ युवा लोन ले चुके हैं।
मंत्री कपिल देव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 1.84 लाख सीटें उपलब्ध हैं। यहां 92 व्यवसायों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 7768 अनुदेशक पदों में से अधिकांश पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं और शेष 341 पदों का परिणाम जल्द घोषित होगा। पिछले आठ वर्षों में सरकार ने 60 से अधिक नए आईटीआई स्थापित किए हैं। अब प्रदेश में 324 राजकीय आईटीआई और करीब 3000 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें 6 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण मिल रहा है। खास बात यह है कि आईटीआई की फीस मात्र 40 रुपये मासिक रखी गई है ताकि कोई भी इच्छुक युवा आर्थिक स्थिति के कारण वंचित न रहे। आईटीआई को भविष्य की तकनीकों से लैस करने के लिए सरकार ने 5000 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 150 आईटीआई का उन्नयन कराया है। इसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, लेजर कटिंग, थ्री डी प्रिंटिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल से हर वर्ष 15 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित हो रहे हैं। परियोजना की सफलता को देखते हुए 62 और आईटीआई के उन्नयन की स्वीकृति दी गई है, जिस पर 3350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से अब तक 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से 5.65 लाख को सेवायोजन और रोजगार से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को न केवल प्रशिक्षण मिला बल्कि उन्हें एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण भी दिया गया। प्रोजेक्ट प्रवीण कार्यक्रम माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसके तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को कौशल शिक्षा दी जा रही है। अब तक 20 हजार से अधिक छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। प्रदेश में आयोजित 1736 रोजगार मेलों में अब तक 4.13 लाख युवाओं को 2500 से अधिक कंपनियों में नौकरी मिली है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को उसके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, रोजगार और आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिल सके। इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश की कौशल राजधानी बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में विधायक नीरज बोरा, लाल जी निर्मल, राम चंद्र प्रधान, मुख्य सचिव दीपक कुमार प्रमुख सचिव डॉ हरिओम एवं अधिकारीगण थे।

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