– अग्रणी बन रहा उत्तर प्रदेश
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। यह नीति कृषि आधारित प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय वृद्धि, स्थानीय रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का आधार बन रही है।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 400 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिनमें से 60 ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इन इकाइयों के माध्यम से गाजर, मटर, लहसुन, गोभी और मशरूम जैसे उत्पादों का प्रसंस्करण किया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ और ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल रहा है। गुजरात, हरियाणा, बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों के उद्यमी भी उत्तर प्रदेश में इकाइयां स्थापित कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। लखनऊ स्थित राजकीय खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में दो वर्षीय परास्नातक कोर्स संचालित है और जल्द ही पीएचडी कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रथम चरण में 22 जनपदों में एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है, जिसमें बेकरी, बिस्कुट और पेय पदार्थ उत्पादन की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए बैंकों को टर्म लोन स्वीकृत करने में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय शुगर इंस्टीट्यूट और विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित हुआ है। निवेशकों के बढ़ते विश्वास और तेजी से विकसित हो रहे ढांचे के चलते उत्तर प्रदेश जल्द ही खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा हब बनने की ओर अग्रसर है।