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खाद्य प्रसंस्करण को नई रफ्तार, ₹100 करोड़ का निवेश प्रस्तावित

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में अधिक से अधिक इकाइयां लगाने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं । इसी क्रम में प्रदेश *प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना* के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर है। शनिवार को अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में आईसीएआर-CISH में अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 18 परियोजनाओं का परीक्षण किया गया। इनमें से 17 प्रस्तावों को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (SLEC) को प्रस्तुत करने की संस्तुति की गई।
लगभग ₹100 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं में बेकरी उत्पाद, फ्रोज़न पी, गुड़, मसाले, पनीर, मक्खन, सॉस, मिलेट्स व मल्टीग्रेन आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 500 लोगों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार मिलेगा।
बैठक में गाजियाबाद, देवरिया, मुरादाबाद, कानपुर नगर, बाराबंकी, रायबरेली, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, अलीगढ़, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी से प्राप्त निवेश प्रस्तावों पर विचार हुआ। साथ ही राज्य के प्रमुख संस्थानों जैसे *नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट कानपुर*, *स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी लखनऊ* और *रीजनल फूड रिसर्च सेंटर* के प्रस्ताव भी सम्मिलित थे।
अपर मुख्य सचिव श्री मीणा ने जानकारी दी कि गुड़ आधारित उत्पादों पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। हाल ही में *राष्ट्रीय चीनी संस्थान, कानपुर* और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के बीच एमओयू भी हुआ है।
सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक उद्यमियों को प्रशिक्षित कर उन्हें सफल खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी बनाना है, ताकि प्रदेश में ग्रामीण विकास, रोजगार और पोषण सुरक्षा को मजबूती दी जा सके।

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