• पर्व, पर्यावरण संरक्षण का संदेशवाहक,
• सभी से हरा-भरा धरती रखने का लिया संकल्प
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
ज्योतिर्मठ (चमोली)। ज्योतिष्पीठ, बदरीनाथ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ने हरेला पर्व एवं श्रावण संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तराखंडवासियों सहित देशभर के भक्तों को मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं। महाराष्ट्र के मुंबई शहर में चातुर्मास्य व्रत कर रहे शंकराचार्य ने इस अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से जनता को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन का प्रेरणास्रोत है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि वसुंधरा को हरा-भरा रखें और प्रदूषण से मुक्ति दिलाएं।”
श्रावण मास के आगमन पर प्रेषित की मंगलकामनाएं :
शंकराचार्य ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में संक्रांति के साथ श्रावण मास का शुभारंभ हो गया है। यह मास भगवान आशुतोष (भगवान शिव) को समर्पित है और “श्रद्धा, संयम और साधना का महीना है।” उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि सभी भक्तजन निरोगी और स्वस्थ जीवन व्यतीत करें।
इस संबंध में जानकारी देते हुए शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि स्वामिश्री का यह संदेश पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्पद है और समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।