वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। इस्कॉन मन्दिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि दिनांक 07 जून, 2025 दिन शनिवार को निर्जला एकादशी है।
अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि शास्त्रों के अनुरूप सदैव द्वादशी प्रधान एकादशी का व्रत रखना चाहिए और पांडवा निर्जला एकादशी को बिना जल ग्रहण किये ही रहना चाहिए। यदि हमारा स्वास्थ्य ठीक न हो तो हम थोड़ा सा जल ग्रहण कर सकते हैं। हमें एकादशी से एक दिन पूर्व अपने आप को मानसिक रूप से तैयार करना चाहिये कि हमें एकादशी का व्रत निर्जल रखना है। एकादशी का व्रत ब्रह्म मुहूर्त से एक प्रहर पहले अर्थात प्रातः काल 03ः30 पर प्रारम्भ हो जाता है अतः हमें प्रातः 03ः30 के पश्चात जल नही ग्रहण करना है। निर्जला एकादशी के दिन किये गये भक्तिमय कार्य 100 गुना फल प्रदान करने वाले होते हैँ, इसलिए हमें निर्जला एकादशी को श्रीकृष्ण भगवान के नाम, रूप, गुण एवं लीलाओं का चिंतन करना चाहिए। अधिक से अधिक नाम जप, हरिनाम संकीर्तन करते हुये हरि कथा का श्रवण एवं रात्रि जागरण करना चाहिए।
पारण:
एकादशी व्रत रखने के साथ-साथ अगले दिन समय से व्रत का पारण किया जाना अत्यन्त महत्वपूर्ण है, तभी व्रत पूर्ण होता है।
व्रत पारण समय:
दिनांक 08 जून रविवार को प्रातः 05ः12 बजे से 07ः20 बजे तक।