वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी को विश्वगुरु की उपाधि से सम्मानित किया गया।
अपरिमेय श्याम प्रभुजी, मन्दिर अध्यक्ष इस्कॉन, लखनऊ द्वारा बताया गया कि यह ऐतिहासिक क्षण सनातन धर्म और भक्ति आंदोलन के पुनर्जागरण में श्रील प्रभुपाद का विश्वगुरु की उपाधि से सम्मानित होना उनके अतुलनीय योगदान को प्रमाणित करता है।
उन्होंने बताया कि श्रील प्रभुपाद जी ने सम्पूर्ण विश्व में भगवद गीता और वैदिक संस्कृति का प्रचार करके लाखों लोगों को कृष्ण भक्ति से जोड़ा। आज तक यह उपाधि किसी अन्य आध्यात्मिक व्यक्तित्व को नहीं दी गई है।