वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। विशेष सीबीआई मामलों के न्यायाधीश, पश्चिमी न्यायालय, लखनऊ ने डॉ. जय करण, तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लखनऊ को 03 साल की कठोर कारावास (आरआई) परिवीक्षा एवं 50,000 रु. जुर्माने की सजा सुनाई है।
सीबीआई ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में तैनात एवं कार्यरत रहते हुए आरोपी डॉ. जय करण के विरूद्ध दिनाँक 25.06.2004 को मामला दर्ज किया था। यह आरोप था कि जुलाई 2002 से सितम्बर 2003 की अवधि के दौरान नॉन स्केलपल वेसेक्टॉमी प्रोग्राम एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए 03 डिमांड ड्राफ्ट आरोपी द्वारा बेईमानी व धोखाधड़ी से, कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ आपराधिक षड़यंत्र में इलाहाबाद बैंक और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में अनधिकृत रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा किए गए थे। डॉ. जय करण ने उक्त धनराशि नकद निकाल ली एवं 28,06,046/- रु. की राशि का गबन किया, जिससे सरकारी खजाने को अनुचित आर्थिक क्षति हुई।
जांच के पश्चात, आरोपी के विरुद्ध दिनाँक 29.11.2005 को आरोप पत्र दायर किया गया था। विचारण के पश्चात, अदालत ने आरोपी को दोषी करार ठहराया एवं तदनुसार सजा सुनाई।