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भोजन के साथ गरीब बच्चों की शिक्षा की अलख जगा रही इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। आशियाना क्षेत्र में इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित ब्रज की रसोई जरूरतमंद बच्चों को लगातार प्रत्येक रविवार को पोस्टिक भोजन कराकर उनमें शिक्षा की अलख जगाने का भी प्रयास कर रही हैं। इसके लिए गरीब बच्चों का भविष्य संवारने के लिए शिक्षा सामग्री की आवश्यकता को भी पूरा करने के लिए संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने सभी सक्षम जन मानस से आगे आने की अपील की। उनका कहना है कि तरह के पवित्र कार्य को करने के लिए सबकी सहभागिता आवश्यक है।
निराश्रित, अकिंचन, असहाय बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाली इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी ने लॉकडाउन के दौरान भी अपनी अग्रणी भूमिका निभाई थी। आशियाना क्षेत्र के साथ.साथ आसपास के क्षेत्र व गांवों तक में जाकर जरूरतमंदों तक भोजन व राशनकिट पहुंचाती थी संस्था।
संस्था के संरक्षक अनिल शुक्ला ने बताया कि संस्था ऐसी ऐसी जगहों पर भी भोजन बांटती थी। जहां पर जरूरतमंद या प्रवासी कामगार ठहरे हुए होते थे। इस मिशन में उनके साथ संस्था के सभी सदस्य शामिल रहे। हमारे रसोई परिवार के सदस्य निलय शुक्ला की ज्येष्ठ पुत्री तनिषा शुक्ला के बर्थडे के उपलक्ष्य में बच्चों को केले और चॉकलेट वितरण किया गया इसी क्रम में हर्षित अवस्थी ने अपील की है संस्था की सेवा से प्रेरित होकर आप सभी लोग जन्मदिन फेस्टिवल जैसे खास मौकों पर जरूरतमंदों के लिए भोजन या अन्य सामग्री खुद आकर बच्चों को वितरण कराकर भी पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अनाथ बच्चों व विधवाओं के लिए काम करेगी महिला विंग:
सदस्य रजनीश मिश्रा ने कहा जरूरतमंदों को खाना खिलाने के साथ.साथ अनाथ बच्चों व विधवा महिलाओं के उत्थान के लिए भी संस्था काम करना चाहती है। संस्था द्वारा इसके लिए महिला विंग गठित की जाएगी। जो अनाथ बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएगी। वहीं विधवा महिलाओं की पेंशन में बढ़ोतरी करने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी और सरकार से डीसी रेट के हिसाब से पेंशन की मांग की जाएगी।
‘भिक्षा नहीं शिक्षा सही’ अभियान का जल्द होगा आगाज:
संस्था शहर में भीख मांगने वाले नाबालिग बच्चों के लिए अपने मिशन भिक्षा नहीं शिक्षा सही को शुरू करेगी। अभी अधिक सहयोग न मिलने की वजह से ये अभियान रुका हुआ है। संस्था ने शहर में भीख मांगने वाले बच्चों के सर्वे का काम शुरू कर दिया है। अभिभावकों को जागरूक कर इन बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराई जाएगी। और स्कूल प्रबंधको से बात कर इन बच्चों के निशुल्क दाखिलों का प्रयास किया जाएंगे।

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