– अगर कोई दुर्घटना होती है तो किसकी जिम्मेदारी तय होगी ? क्या पुरातत्व विभाग? क्या नगर निगम प्रशासन? क्या नेशनल हाइवे? क्या जिला प्रशासन? या पुलिस प्रशासन।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। शाही टीले वाली मस्जिद से खदरा रोड की ओर जाने वाले रोड पर स्थित पक्के पुल पर बीचों बीच बनी हुई बुर्जी की रेलिंग काफ़ी समय से टूटी हुई है। बुर्जी की रेलिंग टूटी होने से हर समय गोमती में गिरने का खतरा बना रहता है।
ख़ास बात यह है कि पहले पुल का यह हिस्सा चौक थाने की सीमा में आता था। लेकिन कमिशनरी लागू होने के बाद से मदेयगंज पुलिस चौकी को मदेयगंज थाने में तब्दील कर दिया गया है। तब से पुल का आधा हिस्सा चौक थाने और आधा मदेयगंज थाने की सीमा में आ गया है। जिसके कारण पुल पर होने वाली किसी भी घटना की। जिम्मेदारी अब दो थानों पर आ गायी है। जबकि पुलिस के आला अधिकारियों का बराबर पुल से गुजरना रहता है। और पुल से कुछ ही दूरी पर पुलिस बूथ बने हुए हैं। जहां पर हर समय पुलिस के अधिकारियों,के साथ साथ पुलिस कर्मचारी मौजूद रहते हैं। फिर भी किसी की नज़र इस टूटी हुई बुर्जी की रेलिंग पर नहीं जाती है।
इस लापरवाही से कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। पुलिस विभाग के साथ साथ, पुल निर्माण कार्य करने वाले और संबंधित विभागों की, जिम्मेदारी है कि फौरन बुर्जी की टूटी हुई रेलिंग को बनवाएं।