Breaking News

मृत्यु से बचने का नहीं, अपितु मृत्यु को सँवारने का प्रयास करें – शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी) अजय कुमार वर्मा
वाराणसी 08 अक्टूबर। लोग मृत्यु से बचने का उपाय करते देखे जाते हैं परन्तु हमें यह समझना चाहिए कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित रूप से होती ही है। इसलिए मृत्यु से कोई व्यक्ति नहीं बच सकता। हमें मृत्यु को सॅवारने का प्रयास करना चाहिए। यदि मृत्यु को सँवार लेंगे तो मुक्ति प्राप्त हो जाएगी। उक्त उद्गार ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 ने काशी के केदार क्षेत्र के शङ्कराचार्य घाट पर स्थित श्रीविद्यामठ में कोरोना काल के मृतकों की सद्गति हेतु आयोजित मुक्ति कथा कहते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी तरल पदार्थ को रखने के लिए बर्तन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार जीव भी किसी न किसी शरीर में रहता है। पानी बर्तन के अनुसार आकार धारण कर लेती है इसी प्रकार जीव भी जिस शरीर में जाता है उस अनुसार आकार धारण कर लेता है। शरीर को साॅचे की तरह और मन को तरल पदार्थ की तरह से समझना चाहिए।
श्ंकराचार्य ने कहा कि जब जन्म समाप्त होगा तो मृत्यु भी समाप्त हो जाएगी। हमें अपने जन्म को समाप्त करने की आवश्यकता है। जन्म समाप्त करने का उपाय है ज्ञान। ज्ञान की अग्नि से सभी प्रकार के कर्म नष्ट हो जाते हैं और जब कर्म नष्ट हो जाते हैं तो प्रारब्ध फल नहीं बनता। जब फल भोग नहीं रहता तो फिर जन्म भी नहीं होता।
उक्त जानकारी जगदगुरु शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।

Check Also

गाली-गलौज का विरोध पड़ा भारी, बाजार में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमारकानपुर। कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के निनाया बाजार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES