– जब भी जातिगत जनगणना की बात/ सर्वे हो तो उपजाति के कालम में केवल “सोनार/ सुनार/ स्वर्णकार” शब्द का ही प्रयोग करें : अजय कुमार स्वर्णकार
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अनुराग वर्मा
लखनऊ 04 अक्टूबर। विगत दिवस बिहार राज्य सरकार ने जातिगत जनगणना की रिपोर्ट जारी कर देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और खासतौर से पिछड़ी जाति की सभी उपजातियों की जनगणना सामने लाकर उनके विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।
उल्लेखनीय है कि सुनार जाति के अग्रणी संगठन राष्ट्रीय स्वर्णकार मंच ने भी जातिगत जनगणना हेतु विधानसभा चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को नामित पत्र का एक ज्ञापन सांसद मा० कैलाश सोनी और मा० सुनील सोनी को दिया था।
राष्ट्रीय स्वर्णकार मंच अध्यक्ष मणिलाल वर्मा ने बताया कि संगठन OBC आरक्षण के संदर्भ में और जातिगत जनगणना की मांग राजनैतिक मंच पर समय-समय पर उठाता रहा है। अब उत्तर प्रदेश सहित शेष भारत में भी पिछड़े वर्ग ख़ासतौर से सुनार/ स्वर्णकार जाति की जनगणना होनी चाहिए। जिससे सोनार जाति का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आधार स्थापित हो सके।
अपील :
इस बाबत राष्ट्रीय स्वर्णकार मंच के महासचिव अजय कुमार स्वर्णकार ने समस्त सोनार/स्वर्णकार जाति के भाइयों बहनों से अपील की है कि जब भी जातिगत जनगणना की बात/ सर्वे हो तो उपजाति के कालम में केवल “सोनार/ सुनार/ स्वर्णकार” शब्द का ही प्रयोग करें, किसी अन्य शब्द का नहीं, क्यों कि सरकार द्वारा सोनार जाति के लिए यही शब्द अधिकृत है।
देखने वाली बात है पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए सरकार ने कई कमेटियों का गठन किया था लेकिन जनगणना न होने के कारण इसका वास्तविक लाभ सोनारों को नहीं मिल पाया।