वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा लखनऊ 13 अगस्त। 18वीं विधानसभा के गठन के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधानसभा की साजो सज्जा आदि में नये नये परिवर्तन किए है। और अब उन्होंने नियमावली में भी कई बडे़ बदलाव किए हैं। इसके साथ ही साथ ही विशेषाधिकार के मामले में विधानसभा अध्यक्ष को भर्त्सना एवं जुर्माना देने हेतु अधिकृत किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना आज यहां विधानभवन स्थित राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन हाल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थें। उन्होंने कहा कि नियमावली बदलने का मुख्य कारण पूर्व में जिस प्रकार की आवश्यकतायें थी। नई-नई तकनीक के चलते अब कई अवसरों पर समय की बचत होती है। जिसके कारण पुराने नियमों का महत्व कम हो गया है। नई नियमावली आने से अब विधानसभा सदस्यों को सुविधा रहेगी। इसमें महिला सदस्यों को विधानसभा में अपनी बात रखने में वरीयता दी गयी है।
श्री महाना ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों होती है। द्वन्द भी रहते है लेकिन उसकी मर्यादा रहनी चाहिए। लोकतंत्र में एक पक्ष की बात नहीं होनी चाहिए। प्रतिपक्ष का भी अपना महत्व होता है। सरकार का अपना रोल होता है तो दोनो मिलाकर जिस समय चलते है उस समय प्रदेश के हित की बात होती है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि संस्थानो की गरिमा एवं सम्मान बना रहना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं को उनकी मर्यादा और सम्मान के साथ उसकी प्रगति भी होती रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में डिजिटल गैलरी बनवाई गयी थी। इस बार डिजिटल कारीडोर पटल कार्यालय और भाजपा विधानमंडल कार्यालय में परिवर्तन किया। अब समाजवादी पार्टी समेत अन्य विधानमंडल कार्यालयों में परिवर्तन किया जाएगा। नई विधानसभा में कुछ और बदलाव जल्द देखने को मिलेगें। विधानसभा का यह स्वरूप पूरे देश और दुनिया में लोगों को आकर्षित कर रहा है। अब उ0प्र0 विधानसभा का देश में सबसे खूबसूरत विधानसभा में नाम हो रहा है। विधानसभा के आंतरिक और वाहय स्वरूप में परिवर्तन आया है। इसकी चर्चा अब देश भर में हो रही है।