वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ अक्टूबर। 3 वर्ष से अपहृत बच्चे को घर सकुशल पहुंचा कर चाइल्डलाइन लखनऊ ने अपने नेक कार्यों में एक और अच्छे कार्यों का इजाफा कर लिया।
चाइल्डलाइन लखनऊ केंद्र समन्वयक कृष्णा प्रताप शर्मा ने बताया कि सत्येंद्र इटौंजा के महोना ग्राम लखनऊ का बच्चा है, जो 3 वर्ष पहले अपने दोस्तों के साथ एक ढाबे पर खाना खाने गया था। वहीं पर कुछ ट्रक ड्राइवर खाना खा रहे थे, उन्होंने बच्चों को अपने साथ चलने को कहा। सारे बच्चे भाग गए सत्येंद्र छोटा था वह वही रहा। उसका कहना है कि उसके खाने में कुछ था जिससे वह बेहोश हो गया और वे उसको अपने साथ पंजाब ले गए। वहां पर उसको बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया। सारा काम करवाते थे, मारते थे। फिर ट्रक ड्राइवर ने उसे किसी और को दे दिया या बेच दिया जहा और भी छोटे बच्चे थे, उन्हें सुबह 5:00 बजे उठा दिया जाता था, वहां करीब 150 गाय-भैंसे थी। बच्चों को दिन में दो बार ही खाना मिलता था- दोपहर 12:00 बजे और रात को 9:00 बजे। रात में सभी बच्चों के पैरों में जंजीर बांध दी जाती थी साथ ही पास में 2 डिब्बे रख दिए जाते थे, एक पानी का और एक रात को अगर पेशाब आए तो उसके लिए। लगातार 3 साल ऐसे ही निकल गये। खुश मिसाज़ बच्चा होने के कारण उसे गुरुद्वारे से गुरु मंत्र भी दिलाया गया, पंजाबी सिखाई गई और बच्चे को पगड़ी भी पहना दी। उसे लगने लगा की अब वह यही रहेगा। एक बार जब कबड्डी के लिए उसे गुरुद्वारे ले गए तो सबका ध्यान खेल में था और वह मौका देख कर भाग निकला और अमृतसर पहुंच गया। स्टेशन पर एक सफ़ाईकर्मी से उसकी बात हुई जिसने रेलवे चाइल्डलाइन को सूचना दी। रेलवे चाइल्डलाइन ने बच्चे की सूचना लखनऊ चाइल्डलाइन को दी । लखनऊ चाइल्डलाइन ने इटौंजा थाने से उसके ग्राम महोना की पुष्टि की। दिनांक 13.10.2021 को उसके परिजन उसे लेकर गांव पहुंचे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है, मिठाइयां बांटी जा रही हैं। बच्चे के स्वागत के लिए नगाड़ा भी बजाया गया। सत्येंद्र घर पहुच कर बहुत खुश हैं और नाच गा रहा हैं, सभी गाव वाले उससे मिलने उसके घर आ रहे है। बच्चे से मिलने चाइल्डलाइन टीम से संगीता शर्मा व विजय पाठक मौके पर गये और उसका उत्साहवर्धन किया। उसने व उसके परिजनों ने चाइल्डलाइन का धन्यवाद दिया ।