वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
फिरोजाबाद 3 अक्टूबर। उपमुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने आज फिरोजाबाद में कहा कि अन्नदाता का कल्याण सरकार के एजेन्डे में सबसे पहले है। खुशहाल किसान राज्य की प्रगति और समृद्धि का आधार होता है। इसे ही मूल मंत्र मानते हुए वर्तमान सरकार ने किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य रखकर तमाम योजनाएं क्रियान्वित की हैं। आज प्रदेश का किसान खुशहाली की डगर पर आगे बढ रहा है। वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड रुपए के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया था। यह सरकार की किसानों के कल्याण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों के रवैये से गन्ना किसान बदहाली के कगार पर पहुच गया था। वर्तमान सरकार ने ना केवल गन्ना मूल्य के बकाये के भुगतान की व्यवस्था की बल्कि गन्ना मूल्य में भी बढोत्तरी की है। अब तक जो गन्ना 325 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाता था वह अब 350 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा। इसी तरह 315 रूपये प्रति क्विंटल वाले सामान्य प्रजाति के गन्ने की कीमत अब 340 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगी। यही नहीं अस्वीकृत प्रजाति माने जाने वाले करीब 01 फीसदी गन्ने के मूल्य में भी 25 रू0 प्रति क्विंटल बढोतरी की गई है। अब तक 310 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाने वाला अस्वीकृत गन्ना भी अब 335रू0 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इससे 45.44 लाख किसानों को इस वर्ष बढ़े हुए गन्ना मूल्य से लगभग रु 4000 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की प्राप्ति होंगी। इसके साथ ही किसानों के बिजली बिल के बकाये पर ब्याज माफ करने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 2017 में जब वर्तमान सरकार ने प्रदेश की कमान संभाली थी तब 08 साल पहले के गन्ने का भुगतान बकाया था। जिससे किसान निराश व परेशान था पर वर्तमान सरकार ने साढे चार साल में 01.44 लाख करोड का भुगतान कराया गया।
डा शर्मा ने कहा कि किसान मौसम की परवाह किए बिना खेत में कडी मेहनत करते लोगों के लिए अन्न पैदा करता है। अन्नदाता की इस मेहनत त्याग व तपस्या का वर्तमान सरकार पूरा सम्मान करती है। इसलिए सरकार किसान के उत्थान की दिशा में कोई कोर कसर नहीं छोड रही है। वर्तमान सरकार ने बिचौलियों को समाप्त कर सीधे किसानों से उनके कृषि उत्पादों की खरीद के लिए अप्रैल, 2017 में प्रोक्योरमेंट पॉलिसी लागू की।
डा शर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों के समय में किसान को खाद व यूरिया के लिए पुलिस की लाठियां खानी पडती थीं पर इस सरकार ने किसान को खेती के लिए जरूरी खाद, बीज, यूरिया आदि किसी की भी कमी नहीं होने दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा येाजना के तहत किसानों को 2613 करोड रुपए की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई है। प्रदेश में मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत कम करने के साथ ही 220 नई मंडियों का निर्माण व 27 मंडियों को आधुनिकीकरण किया गया है। इसके अलावा ओडीओपी, मुद्रा योजना आदि के तहत भी करोडों युवाओं को रोजगार मिला है। अकेले मनरेगा के तहत 51 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला है। यूपी रक्षा क्षेत्र के निर्माण की भी धुरी बनने जा रहा है। कोरोना काल में यूपी सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहतरीन प्रबन्ध किए। इनकी प्रशंसा डब्लूएचओ ने भी की थी। प्रदेश के नागरिकों को कोविड से सुरक्षा के लिए टीकाकरण तेजी से कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक टीकाकरण कराने वाला राज्य है। प्रदेश में 10 करोड से अधिक लोगों को टीकाकरण किया जा चुका हैं।