– लखनऊ की चिकनकारी में लोगों ने सुई-धागे की बारीक कारीगरी को करीब से समझा,
– बनारस के लकड़ी के खिलौने और आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी बनी आकर्षण का केंद्र,
– मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स और प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों में दिखी विशेष रुचि
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
ग्रेटर नोएडा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का पवेलियन हुनर, रचनात्मकता और सीखने के उत्साह से गुलजार रहा। रविवार को बड़ी संख्या में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पहुंचे। लोगों ने प्रदेश की पारंपरिक कला और उत्पादों को करीब से देखने के साथ कई हुनरों को खुद आजमाकर सीखने का अनुभव लिया।
यूपीएसडीएम के ‘स्किल मंच’ पर बच्चों ने प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। ‘हुनर’ थीम पर रंगों के जरिए युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। मंच पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पहली बार शुरू किए गए ‘स्किल मंच’ का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को कौशल, करियर और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो भी आकर्षण का केंद्र रहे। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर लोगों ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियां बनाने का प्रयास किया। वहीं लखनऊ की चिकनकारी के स्टॉल पर सुई-धागे की बारीक कारीगरी को करीब से समझने के साथ लोगों ने खुद भी इसे आजमाया।
प्रदेश के विभिन्न जिलों की कला और उत्पादों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स के बारे में जानने के लिए विजिटर्स की विशेष रुचि रही। प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों की भी लोगों ने जानकारी ली और स्वाद चखा। पवेलियन में कला, कौशल और सीखने का संगम देखने को मिला।